राजनांदगांव। खेल सामग्री खरीदी में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता सामने आने के बाद कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने कड़ा रुख अपनाया है। संयुक्त जांच प्रतिवेदन के आधार पर कलेक्टर ने खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सहायक संचालक अल्बियुस एक्का को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने के लिए सचिव, खेल एवं युवा कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन को पत्र भेजकर प्रस्ताव तैयार किया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, कलेक्टर के निर्देश पर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं दंडाधिकारी राजनांदगांव तथा वरिष्ठ जिला कोषालय अधिकारी की दो सदस्यीय संयुक्त टीम ने खेल एवं युवा कल्याण विभाग में हुई खेल सामग्रियों की खरीदी की विस्तृत जांच की थी।
वित्तीय अधिकारों का अतिक्रमण कर नियम विरुद्ध की खरीदी
जांच प्रतिवेदन में यह खुलासा हुआ कि सहायक संचालक अल्बियुस एक्का द्वारा वित्तीय वर्ष 2018-19 से 2026-27 के दौरान विभिन्न योजनाओं के तहत कुल 52 लाख 91 हजार रुपये की खेल सामग्री खरीदी गई थी। इस दौरान उन्होंने अपने तय वित्तीय अधिकारों की सीमा का अतिक्रमण करते हुए कलेक्टर या अन्य सक्षम वित्तीय प्राधिकारी से आवश्यक स्वीकृति नहीं ली।
जांच में सामने आईं ये गंभीर खामियां:
टेंडर प्रक्रिया की अनदेखी: सामग्री क्रय हेतु निविदा या जेम (GeM) पोर्टल प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।
समिति का अभाव: खरीदी के लिए किसी क्रय समिति का गठन नहीं किया गया।
सीधी खरीदी: नियमों को दरकिनार कर स्थानीय विक्रेताओं से सीधे सामग्री खरीदी गई।
सत्यापन में लापरवाही: खरीदी गई सामग्री का कोई भौतिक सत्यापन नहीं कराया गया और न ही अभिलेखों (दस्तावेजों) का उचित संधारण किया गया।
गंभीर अनियमितताओं और पदीय कर्तव्यों में लापरवाही प्रमाणित होने पर कलेक्टर ने निलंबन का आदेश जारी करते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की है।


