राजनांदगांव। शहर जिला कांग्रेस कमेटी की महामंत्री अधिवक्ता कुसुम दुबे ने केंद्र सरकार द्वारा घरेलू गैस में 7 जून से 29 रूपये की बढ़ोत्तरी और उज्जवला गैस योजना के हितग्राहियों के लिए सालाना मिलने वाले 9 सब्सिडी सिलेंडर को घटकर 4 करने के निर्णय को नारी शक्ति के साथ अन्याय बताया है। क्योंकि कामर्शियल गैस में मई जून माह में 1035 रूपये की बढ़ोत्तरी महंगाई की मार से सर्वहारा वर्ग झुलस गया है।
महामंत्री कुसुम दुबे ने कही कि भाजपा सरकार में महिलाओं के लिए लागू योजनाएं प्रताड़ना का ही पर्याय बन गई है जैसे उज्जवला गैस योजना के नाम पर भाजपा सरकार मात्र महिलाओं को छलने का ही काम करती रही है, महंगाई की मार के चलते कुल कनेक्शनधारियों में से लगभग 4 करोड़ से अधिक ने तो कनेक्शन लेने के बाद एक भी बार रिफलिंग नहीं करा पाएं, वहीं 3 करोड़ से अधिक ने मात्र एक ही बार रिफलिंग कराएं है। महंगाई की वजह से रिफलिंग नहीं कराए जाने के कारण वर्ष 24-25 में प्रति कनेक्शन रिफलिंग दर 4.43 व वर्ष 25-26 में 4.48 होने पर सरकार इसे औसत खपत 4 से 5 तय कर सरकार अपनी उपलब्धि हितग्राहियों की मितव्यवता बताकर प्रतिवर्ष 9 सब्सिडी सिलेंडर की जगह 4 देने का तुगलकी निर्णय लेते हुए महंगाई की मार से त्रस्त जनता को 300 के दर से 2700 रूपये मिलने वाली सब्सिडी राशि को अब 1200 रूपये करते हुए 1500 रूपये की कटौती कर दोहरी आर्थिक मार दे दी है। बार-बार केवाईसी के नाम से प्रताड़ित जनता को नियमित सब्सिडी की राशि भी नहीं मिल पा रही है। ग्रामीण क्षेत्र में उज्जवला गैस कनेक्शन में समय पर रिफलिंग की भीषण परेशानी से भी सरकार बेसुध है। कुल मिलाकर सरकार योजना के नाम पर सुई का दान और सब्बल की वसूली के रूप में प्रमाणित हो गई है।

