राजनांदगांव। कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों एवं योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने विभागवार लंबित प्रकरणों, जन शिकायतों, शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं तथा सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों के निराकरण की स्थिति की जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिए। कलेक्टर ने सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवेदन के निराकरण के बाद संबंधित आवेदक से संपर्क कर वस्तुस्थिति की जानकारी भी ली जाए, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि समस्या का वास्तविक समाधान हुआ है। सुशासन तिहार के अंतर्गत जिले में अब तक 48 जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किए गए। शिविर में नागरिकों से 24001 आवेदन प्राप्त हुए हैं। जिसमें से 5528 आवेदनों का त्वरित निराकरण कर हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। शेष आवेदनों का नियमानुसार निराकरण की कार्रवाई की जा रही है। कलेक्टर ने सभी विभाग प्रमुखों को निर्देश दिए कि उनके विभाग से संबंधित उच्च न्यायालय में लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करें तथा समय-सीमा के भीतर जवाब प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि न्यायालयीन प्रकरणों में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
कलेक्टर ने जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को अपने-अपने क्षेत्र के पटवारी कार्यालयों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व संबंधी कार्यों में पारदर्शिता, समयबद्धता और जनसुविधा को प्राथमिकता दी जाए तथा अभिलेखों का संधारण व्यवस्थित रखा जाए। जिले में राजस्व के 24157 प्रकरणों में से 21042 प्रकरणों का निराकरण किया गया है। कलेक्टर ने शेष प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने सभी स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों के आधार सत्यापन का कार्य प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने स्कूलों में विशेष शिविर आयोजित कर विद्यार्थियों के जाति, निवास एवं अन्य आवश्यक प्रमाण पत्र तैयार कराने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों के ई-केवाईसी कार्य की प्रगति की जानकारी ली। जिले में योजना के अंतर्गत 92 प्रतिशत महिलाओं का ई-केवाईसी सत्यापन कार्य पूर्ण कर लिया गया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि शेष हितग्राहियों का ई-केवाईसी कार्य शीघ्र पूर्ण किया जाए, ताकि पात्र महिलाओं को योजना का लाभ निर्बाध रूप से मिलता रहे। उन्होंने सभी विभागों को अपने विभाग से संबंधित शासकीय योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्राथमिक जिम्मेदारी है। कलेक्टर ने कहा कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना से जिले के अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को योजना से जोड़कर स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने संबंधित विभागों को हितग्राहियों की पहचान कर उन्हें योजना का लाभ दिलाने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए। स्वनिधि योजना अंतर्गत शहरी क्षेत्र के 4263 हितग्राहियों को अब तक ऋण का वितरण किया जा चुका है। कलेक्टर ने जिले में संचालित विभिन्न निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए सभी निर्माण एजेंसियों को बारिश के पहले निर्माणाधीन कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माणाधीन सड़कों की गुणवत्ता पर ध्यान देने तथा कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा।
कलेक्टर ने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना एवं प्रधानमंत्री कुसुम योजना की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित विभागों को अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से लाभान्वित करने तथा लक्ष्य पूर्ति के लिए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने वाली इन योजनाओं से नागरिकों एवं किसानों को लाभ मिलना चाहिए। कलेक्टर ने पशुओं के टीकाकरण अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पशुधन की सुरक्षा एवं रोग नियंत्रण के लिए निर्धारित लक्ष्य के अनुसार टीकाकरण कार्य समय पर पूरा किया जाए। बैठक में मुख्यमंत्री जनदर्शन, पीजी पोर्टल, पीजीएन पोर्टल, अटल मॉनिटरिंग पोर्टल तथा कलेक्टर जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन शिकायतों एवं आवेदनों का प्राथमिकता के साथ समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए तथा निराकरण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। बैठक में सीईओ जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह, अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर प्रेमप्रकाश शर्मा, जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में एसडीएम, सीईओ, सीएमओ एवं अन्य विकासखंड स्तरीय अधिकारी वर्चुवल माध्यम से जुड़े रहे।

