राजनांदगांव। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर बुधवार को नगर निगम सभागार में महापौर मधुसूदन यादव की अध्यक्षता में पार्षदों के लिए कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में नियमों के बेहतर क्रियान्वयन और जनभागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यशाला में प्रोजेक्टर के माध्यम से पार्षदों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 की विस्तृत जानकारी दी गई। बताया गया कि प्रत्येक नागरिक की सहभागिता से ही कचरा प्रबंधन व्यवस्था को प्रभावी बनाया जा सकता है। विशेष रूप से कचरे के चार श्रेणियों में पृथक्करण की जानकारी दी गई। इसके तहत गीला कचरा हरे डिब्बे, सूखा कचरा नीले डिब्बे, डायपर, सैनिटरी नेपकिन और स्वास्थ्य संबंधी अपशिष्ट लाल डिब्बे तथा दवाइयां, इलेक्ट्रॉनिक सामान, पेंट, कीटनाशक और रसायन जैसे घरेलू खतरनाक अपशिष्ट बैंगनी डिब्बे में रखने की जानकारी दी गई।
पार्षदों से कहा गया कि वे अपने-अपने वार्डों में नागरिकों को घर से ही कचरे का पृथक्करण कर स्वच्छता दीदियों को अलग-अलग कचरा देने के लिए प्रेरित करें, ताकि कचरे का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन किया जा सके। इसके अलावा जनजागरूकता के लिए रैली, दीवार लेखन, स्कूलों में कार्यक्रम, श्रमदान, घर-घर संपर्क अभियान और सोशल मीडिया प्रचार जैसे कार्यक्रमों पर भी चर्चा की गई।
महापौर मधुसूदन यादव ने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 का प्रमुख उद्देश्य कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निपटान करना है। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी के बिना स्वच्छता अभियान सफल नहीं हो सकता। स्वच्छता सबकी जिम्मेदारी है और यह संदेश हर घर तक पहुंचाना जरूरी है। उन्होंने नागरिकों से गीला और सूखा कचरा अलग-अलग रखने तथा स्वच्छता दीदियों को पृथक कचरा देने की अपील की। साथ ही संभावित स्वच्छता सर्वेक्षण को ध्यान में रखते हुए लोगों को साफ-सफाई के प्रति जागरूक करने और फीडबैक लेने पर भी जोर दिया।
आयुक्त अतुल विश्वकर्मा ने कहा कि इस नियम का उद्देश्य नागरिकों को स्वच्छता अभियान से जोड़ना है। उन्होंने बताया कि खुले में कचरा फेंकना, कचरा जलाना तथा नालियों, तालाबों और सार्वजनिक स्थलों पर अपशिष्ट डालना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कार्यशाला में स्वच्छ भारत मिशन के प्रभारी अधिकारी एवं कार्यपालन अभियंता दीपक खाण्डे ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 की बिंदुवार जानकारी दी। इस अवसर पर पार्षदगण एवं निगम के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

