महापौर ने की निर्माण कार्यों की समीक्षा : डामरीकरण और नाली निर्माण के कार्य बारिश से पहले पूरा करने के कड़े निर्देश

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राजनांदगांव। नगर पालिक निगम के महापौर श्री मधुसूदन यादव ने विकास कार्यों को गति देने के लिए निगम के तकनीकी अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। अपने कक्ष में आयोजित इस बैठक में महापौर ने वार्डवार स्वीकृत, अप्रारंभ और चल रहे निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिए कि जिन कार्यों की प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है, उन्हें तत्काल प्रारंभ कराया जाए और जो कार्य प्रगति पर हैं, उन्हें बारिश से पूर्व गुणवत्ता के साथ अनिवार्य रूप से पूर्ण किया जाए।

इस उच्च स्तरीय बैठक में निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा, निगम अध्यक्ष श्री तोपेन्द्र सिंह पारस वर्मा और लोक निर्माण विभाग के प्रभारी सदस्य श्री सावन वर्मा विशेष रूप से उपस्थित थे।

लापरवाह ठेकेदारों को नोटिस दें, स्थल विवाद का पार्षद के साथ मिलकर करें निपटारा
बैठक में महापौर श्री यादव ने उप अभियंताओं से सांसद, विधायक, महापौर एवं पार्षद निधि के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की प्रगति रिपोर्ट मांगी। उन्होंने कहा कि अधोसंरचना एवं अधोसंरचना पर्यावरण मद के तहत जिन कार्यों के वर्क ऑर्डर (कार्यादेश) अभी तक जारी नहीं हुए हैं, उन्हें तत्काल जारी कर काम शुरू कराया जाए। सभी अभियंता अपने प्रभार वाले वार्डों की सतत मॉनिटरिंग करें और उपयोगिता प्रमाण पत्र (यूसी) समय पर शासन को भेजें।

लापरवाही पर आयुक्त सख्त
समीक्षा के दौरान निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा ने बताया कि डामरीकरण कार्य में देरी करने वाले ठेकेदारों को नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जो ठेकेदार काम शुरू नहीं कर रहे हैं या बीच में काम बंद कर चुके हैं, उन्हें अंतिम नोटिस दें। यदि किसी कार्य में स्थल विवाद की स्थिति है, तो संबंधित वार्ड पार्षद से संपर्क कर उसका त्वरित निराकरण कराएं।

नालंदा परिसर के कार्य में लाएं तेजी, नाला निर्माण से मिलेगी जलभराव से मुक्ति
महापौर ने शहर के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट ‘नालंदा परिसर’ के निर्माण कार्य की भी समीक्षा की। उन्होंने काम में तेजी लाने को कहा ताकि समय-सीमा में कार्य पूर्ण हो और स्थानीय विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल सके।

आंगनबाड़ी: आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण और मरम्मत का कार्य जून महीने तक पूरा करने के निर्देश दिए गए। नए केंद्रों के एस्टीमेट के साथ जमीन के दस्तावेज संलग्न करने को कहा गया ताकि स्वीकृति में बाधा न आए।

नाला-नाली निर्माण: बारिश के दौरान शहर में जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए महापौर ने बंद पड़े नाला निर्माण कार्यों को दोबारा शुरू कराने और उन्हें वर्षा ऋतु से पहले पूर्ण करने के निर्देश दिए। वहीं, सीमेंटीकरण के कार्यों को ग्रीष्म ऋतु के पश्चात कराने को कहा गया।

मंदिरों का जीर्णोद्धार और पेयजल समस्याओं का होगा त्वरित समाधान
धार्मिक न्यास के अंतर्गत शहर के प्राचीन मंदिरों के जीर्णोद्धार को लेकर महापौर ने कहा कि जिन मंदिरों की स्वीकृति शासन से मिल चुकी है, उनकी प्रक्रिया पूरी कर काम शुरू कराएं और शेष का प्रस्ताव जल्द बनाकर शासन को भेजें। इसके अलावा ऑडिटोरियम मरम्मत, ट्रांसपोर्ट नगर जीर्णोद्धार और शहर के स्वागत द्वारों के निर्माण को भी समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए।

पेयजल व्यवस्था पर बात करते हुए महापौर ने कहा कि पाइपलाइन विस्तार और इंटर-कनेक्शन के स्वीकृत कार्यों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए, जिससे गर्मी के इस मौसम में प्रभावित क्षेत्रों में पानी की समस्या को दूर किया जा सके। उन्होंने पेयजल से जुड़ी शिकायतों का समय-सीमा में निवारण करने की बात कही।

बैठक में ये रहे उपस्थित:
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में कार्यपालन अभियंता श्री दीपक खांडे, कार्यपालन अभियंता (संविदा) श्री यू.के. रामटेके, प्रभारी कार्यपालन अभियंता श्री प्रणय मेश्राम, प्रभारी सहायक अभियंता श्रीमती गरिमा वर्मा व सुश्री सुषमा साहू सहित समस्त उप अभियंता एवं संबंधित लिपिक मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

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