राजनांदगांव। राजनांदगांव पुलिस ने मंगलवार को मुस्तैदी और त्वरित निर्णय क्षमता का परिचय देते हुए एक गंभीर आपराधिक साजिश को विफल कर दिया। शहर के गठुला रोड क्षेत्र में एक महिला के अपहरण के प्रयास को ट्रैफिक पुलिस की सजगता ने नाकाम कर दिया। आरोपियों ने पुलिस को चकमा देने के लिए मनगढ़ंत कहानी भी रची, लेकिन इंस्पेक्टर की पारखी नजरों से नहीं बच सके।
परिचित ने ही बुना था जाल
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता श्रीमती फूलबसन बाई को उनके ही एक परिचित ने विश्वास में लेकर एक अन्य महिला के साथ सेल्फी लेने के बहाने वाहन में बैठाया। गाड़ी में बैठते ही वहां मौजूद दो पुरुष और एक अन्य महिला ने उन्हें बंधक बना लिया। आरोपी उन्हें जबरन वाहन में ले जाकर शहर से बाहर निकलने की फिराक में थे।
सीट बेल्ट ने खुलवाई पोल
मंगलवार सुबह लगभग 11:00 बजे ट्रैफिक इंस्पेक्टर नवरत्न कश्यप अपनी टीम के साथ गठुला रोड पर नियमित चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान एक वाहन को चालक द्वारा सीट बेल्ट न पहनने के कारण रोका गया। जब इंस्पेक्टर कश्यप ने वाहन के भीतर जांच की, तो पीछे बैठी महिला (फूलबसन बाई) की स्थिति उन्हें अत्यंत संदिग्ध लगी। उनके चेहरे पर डर और घबराहट साफ देखी जा सकती थी।
भ्रामक जानकारी देकर बचने की कोशिश
पूछताछ करने पर वाहन में सवार आरोपियों ने बेहद शातिर तरीके से पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया। उन्होंने बताया कि महिला की तबीयत खराब है और उन्हें ‘मिर्गी का दौरा’ पड़ा है, इसलिए वे जल्दबाजी में उन्हें अस्पताल ले जा रहे हैं। हालांकि, इंस्पेक्टर कश्यप को उनकी बातों पर संदेह हुआ। उन्होंने तुरंत सभी को गाड़ी से नीचे उतरवाया और महिला से एकांत में पूछताछ की, जिससे अपहरण की सच्चाई सामने आ गई।
चारों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
पुलिस ने श्रीमती फूलबसन बाई को आरोपियों के चंगुल से सुरक्षित मुक्त कराया और मौके पर ही चारों आरोपियों (दो पुरुष और दो महिलाएं) को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्यवाही करते हुए एफआईआर दर्ज की जा रही है और इस अपहरण के पीछे के वास्तविक कारणों की विस्तृत जांच जारी है।
सतत और प्रभावी पुलिसिंग का प्रमाण
पुलिस के उच्चाधिकारियों ने इस कार्रवाई को ‘Visible-Active-Effective’ पुलिसिंग का उत्कृष्ट उदाहरण बताया है। राजनांदगांव पुलिस की इस तत्परता की सराहना करते हुए कहा गया कि धरातल पर तैनात जवानों की सजगता ही समाज में सुरक्षा का भाव पैदा करती है। इस साहसिक कार्य में इंस्पेक्टर नवरत्न कश्यप और उनकी पूरी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

