मासूम की मौत के बाद 3 किमी दूर फेंक दी लाश, ट्रैक्टर चालक और मालिक गिरफ्तार

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राजनांदगांव। पुलिस ने 13 वर्षीय बालक की गैर-इरादतन हत्या और साक्ष्य छिपाने के सनसनीखेज मामले में ट्रैक्टर चालक और उसके सहयोगी (वाहन स्वामी) को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पहले मासूम से जान-जोखिम भरा काम कराया और हादसे में उसकी मौत होने पर शव को दूसरे गांव के खेत में फेंक दिया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर क्षत-विक्षत शव बरामद कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, प्रार्थी रघुवीर सिंह मंडावी निवासी मातेखेड़ा 30 अप्रैल को परिवार सहित एक विवाह समारोह में शामिल होने अमलीडीह गए थे। इसी दौरान आरोपी ट्रैक्टर चालक जशवंत नेताम ने उनके नाबालिग पुत्र भावेश मंडावी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। जब अगले दिन सुबह परिजन लौटे और बालक घर पर नहीं मिला, तब मामले की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई गई।
पूछताछ में आरोपी जशवंत ने स्वीकार किया कि वह ओमप्रकाश साहू के खेत में मिट्टी समतलीकरण का काम कर रहा था। आरोपियों ने बालक भावेश को ट्रैक्टर की ट्रॉली का हुक खोलने के लिए कहा, जो कि एक जान-जोखिम भरा काम था। इसी दौरान ट्रैक्टर को आगे-पीछे करते समय ट्रॉली पलट गई, जिसके नीचे दबने से भावेश की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
हादसे के बाद घबराने के बजाय आरोपी चालक और मालिक ओमप्रकाश साहू ने मिलकर साक्ष्य छिपाने की योजना बनाई। उन्होंने रात के अंधेरे में शव को ट्रैक्टर में लादा और करीब 3 किलोमीटर दूर ग्राम केशोटोला के एक सुनसान खेत में फेंक दिया। पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया और उनकी निशानदेही पर शव बरामद किया गया।
एसपी अंकिता शर्मा के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई में पुलिस ने घटना में प्रयुक्त दो ट्रैक्टर (एक लोडर और एक ट्रॉली सहित) तथा दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं। जब्त सामान की कुल कीमत 11,77,560 रुपये आंकी गई है। पुलिस ने आरोपी जशवंत नेताम (25 वर्ष) और ओमप्रकाश साहू (35 वर्ष) के विरुद्ध बीएनएस की सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है।
इस गुत्थी को सुलझाने में निरीक्षक राजेश साहू, सउनि मेघनाथ सिन्हा, हेमंत बोरकर, आरक्षक नरेश प्रधान और भूपेंद्र मंडावी की सराहनीय भूमिका रही।

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