राजनांदगांव। सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की जान बचाने के लिए भारत सरकार की महत्वाकांक्षी ‘पीएम-राहत’ (प्रधानमंत्री-रोड एक्सीडेंट विक्टिम हॉस्पिटलाइजेशन एंड एश्योर्ड ट्रीटमेंट) योजना जिले में वरदान साबित हो रही है। इस योजना के अंतर्गत पीड़ितों को दुर्घटना के तुरंत बाद ‘गोल्डन ऑवर’ में बिना किसी वित्तीय बाधा के तत्काल उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है। अब तक जिले के 12 घायलों को इस योजना के तहत नि:शुल्क और कैशलेस इलाज का लाभ मिल चुका है।
गोल्डन ऑवर में त्वरित उपचार पर जोर
योजना की खास बात यह है कि सड़क दुर्घटना के तुरंत बाद के महत्वपूर्ण समय (गोल्डन ऑवर) में मरीज को अस्पताल में भर्ती कर 7 दिनों तक प्रति व्यक्ति अधिकतम 1 लाख 50 हजार रुपए तक का कैशलेस उपचार प्रदान किया जाता है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराकर मृत्यु दर में कमी लाना है।
इन अस्पतालों में हुआ घायलों का उपचार
जिले में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत अब तक कुल 12 मरीजों का सफल उपचार किया गया है। इनमें से 10 मरीजों का इलाज भारतरत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज, राजनांदगांव में संपन्न हुआ। वहीं, 2 मरीजों ने संजीवनी नर्सिंग होम चिखली में योजना का लाभ उठाया।
उपचार पाने वाले प्रमुख नाम: मिनेश कुमार कोशरे (पचपेड़ी), शत्रुहन पटेल (डोंगरगढ़), राजेश कुमार साहू (बालोद), चोवाराम यादव (छुरिया), भूपेन्द्र कुमार साहू (डोंगरगढ़), शिवा पारधी (राजनांदगांव), जितेन्द्र ठाकुर (बालोद), डोमन दास साहू (डोंगरगांव), त्रिलोक गिरी गोस्वामी (रायपुर), पंचराम यादव (अंबागढ़ चौकी) सहित सुनिता यादव और रंजिता पडौती शामिल हैं।
34 सरकारी और 38 निजी अस्पतालों में सुविधा
योजना को व्यापक रूप देने के लिए जिले के सभी 34 शासकीय अस्पतालों, जिनमें मेडिकल कॉलेज पेंड्री, जिला चिकित्सालय बसंतपुर, विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (डोंगरगांव, छुरिया, डोंगरगढ़, घुमका, सोमनी) और समस्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं, को अधिकृत किया गया है। साथ ही, जिले के 38 निजी अस्पतालों के संचालकों को भी इस संबंध में विशेष प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
संपर्क सूत्र: योजना से जुड़ी विस्तृत जानकारी के लिए नागरिक अपने निकटतम स्वास्थ्य केंद्र या मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय, राजनांदगांव में संपर्क कर सकते हैं।
“दुर्घटना के शुरुआती समय में मिला इलाज जान बचाने में निर्णायक होता है। पीएम-राहत योजना के माध्यम से हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि धन के अभाव में किसी घायल का उपचार न रुके।”
- डॉ. नेतराम नवरतन, CMHO राजनांदगांव

