राशनकार्ड में ई-केवायसी अनिवार्य, नहीं तो अनाज मिलने में होगी परेशानी

अपने दोस्तों को शेयर करें :

राजनांदगांव। भारत सरकार की ‘एक राष्ट्र एक राशनकार्ड’ योजना के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन को लेकर जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत आने वाले सभी राशनकार्ड हितग्राहियों के लिए अब ई-केवायसी की प्रक्रिया पूर्ण कराना अनिवार्य कर दिया गया है। विभागीय डेटाबेस में दर्ज जानकारी को प्रमाणित करने के लिए कार्ड में शामिल परिवार के प्रत्येक सदस्य का सत्यापन किया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रमाणीकरण न होने की स्थिति में भविष्य में खाद्यान्न आवंटन प्राप्त करने में हितग्राहियों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।

आधार प्रमाणीकरण से रुकेगी गड़बड़ी
खाद्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कई राशनकार्डों में हितग्राहियों की आधार जानकारी गलत दर्ज है या प्रमाणित नहीं है। इस वजह से वितरण के समय सर्वर और प्रमाणीकरण की समस्याएं आती हैं। ई-केवायसी के माध्यम से डेटा को पूरी तरह शुद्ध किया जाएगा, जिससे वास्तविक हितग्राही को बिना किसी बाधा के राशन मिल सके।

नि:शुल्क होगी सुविधा, फिंगर प्रिंट अनिवार्य
जिले में संचालित सभी शासकीय उचित मूल्य दुकानों में उपलब्ध ई-पॉस (e-POS) मशीनों के जरिए ई-केवायसी की सुविधा प्रदान की जा रही है। यह प्रक्रिया पूरी तरह नि:शुल्क है। इसके लिए राशनकार्ड के मुखिया सहित सभी सदस्यों को अपने आधार कार्ड के साथ दुकान पहुंचना होगा। विक्रेता द्वारा मशीन में आधार नंबर की प्रविष्टि के बाद संबंधित सदस्य का फिंगर प्रिंट स्कैन किया जाएगा, जिसके बाद ही प्रक्रिया पूर्ण मानी जाएगी।

ऐप के जरिए भी सत्यापन का विकल्प
प्रशासन ने उन सदस्यों के लिए भी विकल्प दिया है जो किसी कारणवश दुकान नहीं पहुंच पा रहे हैं। हितग्राही गूगल प्ले स्टोर से ‘फेस ई-केवायसी ऐप’ डाउनलोड कर उसके माध्यम से भी शेष सदस्यों का सत्यापन कर सकते हैं। खाद्य विभाग ने अपील की है कि राशन के निर्बाध वितरण के लिए सभी कार्डधारी समय रहते अपने परिवार के सदस्यों का ई-केवायसी पूर्ण करा लें।

अपने दोस्तों को शेयर करें :
error: Content is protected !!