राजनांदगांव। कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में प्राईस सपोर्ट स्कीम अंतर्गत खरीफ एवं रबी 2025-26 में दलहन-तिलहन फसलों के पंजीयन एवं उपार्जन के मद्देनजर कृषि, सहकारिता, जिला विपणन अधिकारी, नाफेड के अधिकारियों की बैठक ली। कलेक्टर ने कहा कि प्राईस सपोर्ट स्कीम अंतर्गत रबी 2025-26 में दलहन-तिलहन फसलों के लिए किसानों का पंजीयन बढ़ाना है। उन्होंने प्रधानमंत्री आशा योजना के तहत किसानों का वास्तविक रकबा पोर्टल में एण्ट्री करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में दलहन एवं तिलहन की खरीदी के लिए सभी आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करें। दलहन-तिलहन की खरीदी के लिए किसानों के पंजीयन की तिथि 30 मार्च थी, जिसे बढ़ाकर 30 अप्रैल कर दिया गया है। किसानों को पीएम आशा योजना के तहत अधिक से अधिक लाभान्वित करें। उन्होंने पीएम आशा योजना अंतर्गत जिले के 15 समितियों एवं एफपीओ स्वर्ण उपज स्वसहायता समूह ग्राम सुकुलदैहान में दलहन-तिलहन फसलों की खरीदी के संबंध में जानकारी ली। कलेक्टर ने कहा कि किसान पंजीयन के लिए अपने जमीन के दस्तावेज पीएम आशा उपार्जन समिति में लेकर जा सकते है। पंजीयन कराते समय रकबा प्रदर्शित नहीं होने की स्थिति में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एवं पटवारी संयुक्त हस्ताक्षर करते हुए रकबा सत्यापन करते हुए प्रमाण पत्र जारी करेंगे। जिससे किसानों के पंजीयन में सुविधा होगी।
कलेक्टर ने कहा कि प्राइस सपोर्ट स्कीम (पीएसएस) में किसानों का पंजीयन एकीकृत किसान पोर्टल एवं नाफेड द्वारा संचालित ई-समृद्धि पोर्टल माध्यम से दलहन एवं तिलहन फसलों की ऑनलाईन पंजीयन कर खरीदी की जा रही है। इससे किसानों को समर्थन मूल्य की राशि सीधे उनके बैंक खातों में प्राप्त होगी। यह योजना दलहन-तिलहन क्षेत्र के विस्तार और किसानों की आय वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका होगी। कलेक्टर ने कहा कि जिले में 43 नए समिति का गठन किया गया है। नियमानुसार दस्तावेजों का परीक्षण कर भर्ती एवं नियुक्ति करें। अब जिले में सहकारी समितियों की संख्या 117 हो गई है। इस अवसर पर उप संचालक कृषि टीकम सिंह ठाकुर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित सुधीर सोनी, उप आयुक्त सहकारिता, जिला विपणन अधिकारी, राज्य प्रमुख नाफेड सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

