राजनांदगांव। थाना बसंतपुर पुलिस ने दो साल से फरार चल रही धोखाधड़ी के मामले में दो महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों पर जमीन विक्रय दस्तावेज में दूसरी महिला की जगह अपना फोटो लगाकर फर्जी तरीके से रजिस्ट्री कराने का आरोप है। पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया।
पुलिस के अनुसार, प्रार्थी ने 10 अगस्त 2024 को शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी माता एवं अन्य महिला के नाम दर्ज ग्राम कातुलबोर्ड स्थित खसरा नंबर 48/1 रकबा 1.10 डिसमिल भूमि को प्रताप मजूमदार और अन्य सहआरोपियों ने कूटरचित पावर ऑफ अटॉर्नी (10 अगस्त 2023) तैयार कर अलग-अलग लोगों को बेच दिया।
इस पर थाना बसंतपुर में अपराध क्रमांक 357/2024 धारा 419, 420, 467, 468, 471, 34 भादंवि के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पूर्व में आरोपी प्रताप मजूमदार, हेमंत सेन और केशव देवांगन को गिरफ्तार कर चार्जशीट न्यायालय में पेश की जा चुकी है, जबकि अन्य आरोपी फरार थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए राजनांदगांव जिला पुलिस की पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर और नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन के निर्देश पर फरार आरोपियों की तलाश तेज की गई।
थाना प्रभारी निरीक्षक एमन साहू के नेतृत्व में टीम गठित कर लगातार पतासाजी की जा रही थी। मुखबिर की सूचना पर दुर्ग-भिलाई क्षेत्र में घेराबंदी कर दो महिला आरोपियों रुक्मणी मजूमदार (38) और सरोज निर्मलकर (40) को बोराई, दुर्ग क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में आरोपियों ने मुख्य आरोपी प्रताप मजूमदार के कहने पर पंजीयन कार्यालय में विक्रय पत्र के दौरान अन्य महिला के स्थान पर स्वयं का फोटो लगाकर जमीन विक्रय में धोखाधड़ी करना स्वीकार किया।
दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय से जेल वारंट मिलने के बाद उन्हें दुर्ग जेल दाखिल किया गया।
कार्रवाई में निरीक्षक एमन साहू, उप निरीक्षक देवादास भारती, प्रधान आरक्षक सीमा जैन, आरक्षक अतरहर अली, कृष्णा ठाकुर, महिला आरक्षक राजश्री मरकाम और अनुपमा चन्द्रवंशी की विशेष भूमिका रही।

