प्राचार्य के लगातार गलत रवैय्या पर उठे सवाल, एबीवीपी ने जलाया प्रिंसिपल सुचित्रा गुप्ता का पुतला

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राजनांदगांव। आज दिग्विजय कॉलेज में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं द्वारा शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय के प्राचार्य का पुतला फूंका और जमकर प्राचार्य के विरोध में नारेबाजी की।
ज्ञात हो कि महाविद्यालय में जबसे प्राचार्य सुचित्रा गुप्ता ने प्रभार सम्हाला है, तब से महाविद्यालय में व्यवस्था पूरी तरह चरमराया हुआ है। महाविद्यालय के दिनांक 16 फरवरी को कुछ विद्यार्थियों का मोबाइल मैडम द्वारा जबरदस्ती छीना गया, जिसके विरोध में एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने विरोध किया और मोबाइल को वापस विद्यार्थियों को दिलवाया।
तत्पश्चात प्राचार्य द्वारा सभी विद्यार्थियों का मोबाइल तो वापस किया, लेकिन सभी के नाम, मोबाइल नंबर, पिता का नाम व अन्य निजी जानकारी वेबसाइट व सूचना बोर्ड में चस्पा कर दिया गया, जो निजता के हनन के अंतर्गत आता है, ऐसे विद्यार्थियों से संबंधित जानकारी इस तरह से उजागर करना प्राचार्य की लापरवाही और अपने कार्य के प्रति रुचि न होने को दर्शाता है।
छात्राओं का नेतृत्व करते हुए प्रदेश कार्यसमिति सदस्य चांदना श्रीवास्तव ने कहा कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान द्वारा छात्राओं की व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक करना अत्यंत गैरजिम्मेदाराना कृत्य है। यह केवल अनुशासन का विषय नहीं, बल्कि छात्राओं की गरिमा और सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला है, यदि इस प्रकार की घटनाओं पर तत्काल और सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन प्रदेश स्तर तक आंदोलन को विस्तार देगा।
वहीं जिला संयोजक धनंजय पांडे ने कहा कि एबीवीपी सदैव छात्राओं के अधिकार और सम्मान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि छात्राओं की निजता से खिलवाड़ किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होने तक संगठन आंदोलन जारी रखेगा एवं प्रदर्शन और भी उग्र होगा।
नगर मंत्री अक्षत श्रीवास्तव ने अपने वक्तव्य में कहा कि कॉलेज प्रशासन को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि छात्राओं की सुरक्षा और गोपनीयता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। यदि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही दोबारा सामने आई, तो एबीवीपी और भी व्यापक व उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगी। उन्होंने यह भी कहा कि छात्राओं के सम्मान से समझौता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा और आवश्यकता पड़ी तो संगठन सड़क से लेकर प्रशासनिक स्तर तक निर्णायक लड़ाई लड़ेगा।
प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही, हालांकि बाद में स्थिति सामान्य हो गई। इस पूरे घटनाक्रम ने शिक्षा संस्थानों में छात्राओं की निजता और डेटा सुरक्षा को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। अभिभावकों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से पारदर्शी एवं जिम्मेदार रवैया अपनाने की मांग की है।
प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य प्रतीक गढ़वाल, जीत प्रजापति, नगर सह मंत्री भूपेंद्र पाल, नगर महाविद्यालय प्रमुख जीत शर्मा, सह प्रमुख सुश्री वेणुका, नगर एसएफडी प्रमुख कुलदीप पाल, नगर एसएफएस प्रमुख सुश्री चैतन्या द्विवेदी, राष्ट्रीय कला मंच प्रमुख सुश्री युक्ता मांडवी, सह प्रमुख सुश्री प्रिया, नगर सोशल मीडिया संयोजक यश श्रीवास्तव, सह प्रमुख ओजस ऊईके, मोहित साहू तामेश्वर नायक, गीतेश कुमार, देवेंद्र, धन्नू टंडन, लक्ष्य जैन, जीत पांडे, लुभांशू, शिवम, वेणुका, प्रिया मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

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