राजनांदगांव। मोहारा वार्ड के पार्षद और एमआईसी सदस्य आलोक श्रोती की पहल पर मातृ-पितृ पूजन दिवस के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान वार्ड के 151 बुजुर्गों का सम्मान किया गया और उनके सम्मान में शाल-श्रीफल से स्वागत किया गया। साथ ही, युवाओं के लिए लर्निंग लाइसेंस और श्रमिकों के लिए श्रम कार्ड बनाने के लिए शिविर भी लगाया गया।
कार्यक्रम के दौरान, नवरतन नवदुर्गा जस भजन मंडली के सदस्यों द्वारा रामायण का पाठ किया गया, जिससे पूरे वार्ड में भक्तिमय वातावरण बना। पार्षद आलोक श्रोती ने बताया कि कार्यक्रम के लिए 151 बुजुर्गों को आमंत्रित किया गया था, और सभी बुजुर्गों को सम्मानित किया गया। इसके अलावा, युवाओं के लिए लर्निंग लाइसेंस शिविर में 58 लर्निंग लाइसेंस जारी किए गए, जबकि श्रम विभाग के शिविर में 42 श्रमिकों ने अपना श्रम कार्ड बनवाया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रेस क्लब अध्यक्ष सचिन अग्रहरि, वरिष्ठ पत्रकार मिथलेश देवांगन, प्रदीप मेश्राम और संदीप साहू ने किया। सचिन अग्रहरि ने अपने उद्बोधन में इस आयोजन की सराहना की और कहा कि मातृ-पितृ पूजन दिवस भारतीय संस्कृति की अभिव्यक्ति है। उन्होंने इस तरह के आयोजनों को सिलसिलेवार करने की आवश्यकता जताई।
समारोह में भाजपा जिलाध्यक्ष का आशीर्वाद
सम्मान समारोह के समापन अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष कोमल सिंह राजपूत भी उपस्थित रहे। उन्होंने भारतीय संस्कृति के अनुरूप बुजुर्गों के सम्मान की अहमियत पर बात की और कहा कि हमें हमेशा अपने माता-पिता की सेवा करनी चाहिए। उन्होंने पार्षद आलोक श्रोती के आयोजन को अनुकरणीय पहल बताया और इस कार्यक्रम को हर साल आयोजित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
इस मौके पर सांसद प्रतिनिधि देवशरण सेन, तरुण लहरवानी, महिला एवं बाल विकास चेयरमैन वर्षा शरद सिन्हा, राजस्व विभाग चेयरमैन राजा मखीजा, भाजपा दक्षिण मंडल अध्यक्ष गोलू गुप्ता सहित कई प्रमुख नेता और वार्डवासी भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को सफल बनाने में वार्डवासियों की अहम भूमिका
कार्यक्रम की सफलता में मोहारा वार्ड के कई निवासियों का अहम योगदान रहा, जिनमें पार्षद आलोक श्रोती, परशुराम प्रजापति, रामकुमार देवांगन, पूर्व पार्षद शंकुतला खिलावन देवांगन, और अन्य वार्डवासी शामिल थे। मंच का संचालन मोहन तिवारी द्वारा किया गया।
इस आयोजन ने वार्ड में एक सशक्त सामाजिक संदेश दिया और बुजुर्गों के प्रति सम्मान और आभार की भावना को और अधिक सुदृढ़ किया।

