राजनांदगांव। राजनांदगांव पुलिस द्वारा शहर की यातायात व्यवस्था को आधुनिक और सुव्यवस्थित बनाने के लिए निरंतर ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के कुशल मार्गदर्शन में जिले में एक अभिनव और प्रभावशाली यातायात सुधार अभियान शुरू किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को जाम से राहत प्रदान करना और शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु बनाना है।
इस अभियान के तहत यातायात प्रभारी नवरतन कश्यप ने शहर के प्रमुख चौराहों और अत्यधिक भीड़-भाड़ वाले इलाकों में ट्रैफिक मूवमेंट का गहन निरीक्षण और विश्लेषण किया। पहले सभी सिग्नलों पर प्रत्येक दिशा के लिए समान रूप से 30 सेकंड का समय निर्धारित था, जिसके कारण कई स्थानों पर अनावश्यक जाम और विलंब की स्थिति उत्पन्न हो रही थी। अब, चौक की संरचना, वाहन घनत्व और समय विशेष के ट्रैफिक दबाव को ध्यान में रखते हुए सिग्नल टाइमिंग को 15 से 20 सेकंड के बीच निर्धारित किया गया है।
इस सुधार का सकारात्मक असर तुरंत देखा जा सकता है। पहले जहां एक सिग्नल चक्र को पार करने में लगभग 2 मिनट का समय लगता था, अब वही प्रक्रिया केवल 45 सेकंड में पूरी हो रही है। इससे न केवल यात्रा का समय घटा है, बल्कि प्रदूषण में कमी, ईंधन की बचत और आपातकालीन वाहनों की आवाजाही में भी सुधार हुआ है।
इस बदलाव से पहले यातायात विभाग द्वारा एक संक्षिप्त फील्ड स्टडी की गई थी, जिसमें पीक आवर्स के दौरान वाहन संख्या, प्रतीक्षा समय और जाम की अवधि को रिकॉर्ड किया गया। अध्ययन से यह स्पष्ट हुआ कि लंबे सिग्नल टाइमिंग के कारण क्रॉसिंग पर वाहनों का अनावश्यक जमावड़ा हो रहा था, जिससे पीछे तक ट्रैफिक ब्लॉक हो रहा था। इस डेटा और विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर सिग्नल टाइमिंग घटाने का निर्णय लिया गया, जो अब पूरी तरह से प्रभावी साबित हो रहा है।
यह पहल न केवल यातायात व्यवस्था के सुधार का बेहतरीन उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि प्रशासन कैसे आधुनिक और वैज्ञानिक तरीकों का इस्तेमाल करके जनहित में बदलाव ला सकता है। राजनांदगांव पुलिस का यह कदम शहरवासियों को बेहतर यात्रा अनुभव और सुरक्षित सड़कें प्रदान कर रहा है।
पुलिस का यह प्रयास आने वाले समय में भी जारी रहेगा। यातायात नियमों के पालन को और मजबूत करने, जनजागरूकता अभियान चलाने और जनता से प्राप्त सुझावों के आधार पर निरंतर सुधारात्मक कार्य किए जाएंगे।

