शिक्षकों का प्रदेशव्यापी प्रदर्शन : जाकेश साहू सरकार पर बरसे, बोले-बात नहीं हुई तो स्कूलों में तालेबंदी

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राजनांदगांव। प्रदेश के शिक्षक अपनी मांगों को लेकर एक बार फिर सड़कों पर उतर आए। राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के सभी 33 जिला मुख्यालयों में हजारों शिक्षकों ने छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक-समग्र शिक्षक फेडरेशन के बैनर तले एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। इस आंदोलन को छत्तीसगढ़ जागरूक शिक्षक संघ सहित एलबी संवर्ग के 10 से अधिक शिक्षक संगठनों ने खुला और निरूशर्त समर्थन दिया।
राजनांदगांव जिला मुख्यालय में आयोजित धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ जागरूक शिक्षक संघ (पंजीयन क्रमांक 122202595034) के प्रदेश अध्यक्ष जाकेश साहू ने मंच से सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को शिक्षकों से सीधी बातचीत कर समस्याओं का समाधान निकालना चाहिए, अन्यथा आने वाले दिनों में आंदोलन और उग्र होगा।

चुनावी वादे पूरे नहीं हुए
जाकेश साहू ने कहा कि वर्ष के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में शिक्षकों से कई वादे किए थे। इन्हीं वादों के दम पर पार्टी को बड़ी जीत मिली और प्रदेश में सरकार बनी, लेकिन लगभग दो साल बीतने के बाद भी सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति दूर नहीं हुई। न क्रमोन्नति वेतनमान मिला, न ही प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि उल्टा टेट की अनिवार्यता और वीएसके (विद्या समीक्षा केंद्र) में ऑनलाइन उपस्थिति के नाम पर शिक्षकों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है।

वीएसके ऐप पर भी सवाल
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि बस्तर और सरगुजा संभाग सहित कई दूरस्थ इलाकों में मोबाइल नेटवर्क की समस्या है। ऐसे में वीएसके ऐप पर ऑनलाइन अटेंडेंस कर पाना मुश्किल है। निजी मोबाइल के इस्तेमाल से डेटा लीक होने और बैंक खातों से धोखाधड़ी का खतरा भी बना हुआ है।

कर्मचारी नेताओं को किया जा रहा टारगेट
जाकेश साहू ने आरोप लगाया कि जो कर्मचारी नेता शिक्षकों और कर्मचारियों की मांगों को सोशल मीडिया या मंच के माध्यम से उठाते हैं, उन्हें अधिकारी टारगेट कर रहे हैं। असामाजिक तत्वों की झूठी शिकायतों पर बिना जांच के निलंबन जैसी कार्रवाई की जा रही है, जो पूरी तरह अनुचित है।

स्पष्ट चेतावनी
संगठन ने सहायक शिक्षक, नव पदोन्नत प्रधान पाठक और नवीन यूडीटी के वेतनमान में विसंगति को तत्काल दूर करने, क्रमोन्नति वेतनमान देने और प्रथम सेवा गणना के साथ पुरानी पेंशन सहित सभी लाभ देने की मांग दोहराई।
प्रदेश अध्यक्ष जाकेश साहू ने चेतावनी देते हुए कहा कि यह आंदोलन केवल सांकेतिक और एक दिवसीय है। यदि इसके बाद भी सरकार ने शिक्षकों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया, तो सभी शिक्षक संगठन मिलकर अनिश्चितकालीन और व्यापक आंदोलन करेंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी।
धरना-प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।

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