राजनांदगांव। पंजीयन विभाग ने अपनी व्यवस्था को पूर्णत: कम्प्यूटरीकृत कर दिया है, जिससे अब पंजीयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और वैधानिकता सुनिश्चित की जा रही है। इस कदम से अनियमितताओं की रोकथाम में भी मदद मिल रही है, खासकर अवैध प्लाटिंग और प्रतिबंधित खसरों पर पंजीयन को रोकने के लिए।
सॉफ्टवेयर आधारित नियंत्रण से हो रही पारदर्शिता
पंजीयन विभाग ने अब सॉफ्टवेयर आधारित नियंत्रण प्रणाली लागू की है, जिससे प्रतिबंधित खसरों का पंजीयन तकनीकी रूप से संभव नहीं हो पाता। जब भी सक्षम अधिकारी या न्यायालय द्वारा प्रतिबंधित खसरों की सूची पंजीयन कार्यालय को भेजी जाती है, तो उसे तुरंत सॉफ्टवेयर डेटाबेस में अपडेट कर दिया जाता है। राजनांदगांव के उप पंजीयक कार्यालय में वर्तमान में 4000 से अधिक प्रतिबंधित खसरे हैं, जिनकी पंजीयन प्रक्रिया को रोकने के लिए सिटीजन पोर्टल में डाटा प्रविष्टि के समय तकनीकी रूप से अवरोध लगाया जाता है।
संपत्ति का भौतिक सत्यापन
पंजीयन विभाग ने संपत्तियों का भौतिक सत्यापन केवल तभी करने का निर्देश दिया है, जब संपत्ति का मूल्य 50 लाख रुपए से अधिक हो। उप पंजीयक कार्यालय संपत्ति के मूल्य की जांच के लिए ही भौतिक निरीक्षण कर सकता है, अन्यथा किसी संपत्ति का निरीक्षण नहीं किया जाता।
अभिलेखों का सत्यापन
पंजीयन प्रक्रिया में सबसे अहम भूमिका भू-अभिलेख की होती है। उप पंजीयक को पंजीयन करते समय केवल वही अभिलेख सत्यापित करना होता है, जो किसी नकारात्मक टिप्पणी से मुक्त हो। यदि किसी अभिलेख में नकारात्मक टिप्पणी होती है, तो पंजीयन को रोकने का अधिकार होता है।
एक खसरे पर कई रजिस्ट्री नहीं
अब कोई भी व्यक्ति अपनी संपत्ति के छोटे-छोटे हिस्सों का क्रय-विक्रय कर पंजीयन नहीं करा सकता। छत्तीसगढ़ शासन ने भू-राजस्व संहिता में संशोधन कर कृषि भूमि के 5 डिस्मिल से छोटे उपखंडों के निर्माण पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस फैसले के बाद, पंजीयन विभाग केवल उन्हीं विलेखों को पंजीयन करता है, जिनमें कृषि भूमि के 5 डिस्मिल से बड़े उपखंड शामिल होते हैं।
अवैध प्लाटिंग पर कड़ा नियंत्रण
पंजीयन विभाग द्वारा अवैध प्लाटिंग पर रोक लगाने के उद्देश्य से अब प्रतिबंधित खसरों पर पंजीयन प्रक्रिया को पूरी तरह से रोका जा रहा है। यह कदम शासन की मंशा के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य अवैध प्लाटिंग और अनियमित भूमि उपयोग को रोकना है।
पंजीयन विभाग ने इस प्रक्रिया को पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत बना दिया है, जिससे अब नागरिकों को सुरक्षित और वैधानिक पंजीयन सेवाएं मिल रही हैं।

