जल जीवन मिशन में अनियमितता के आरोप, ठेकेदार ने कलेक्टर से की उच्चस्तरीय जांच की मांग
राजनांदगांव।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) राजनांदगांव के अंतर्गत संचालित जल जीवन मिशन एक बार फिर गंभीर विवादों में घिर गया है। ठेकेदार संजय शेडे ने कलेक्टर राजनांदगांव को लिखित शिकायत सौंपकर विभागीय अधिकारियों पर काम पूरा कराने के बावजूद भुगतान रोकने, अवैध दबाव बनाने और अंततः ब्लैकलिस्ट करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
शिकायत के अनुसार वर्ष 2021-22 में जल जीवन मिशन के तहत ग्राम बेंदरकट्टा, सालिक झिटिया एवं रिवागहन में पानी टंकी, पाइपलाइन एवं एफएसटी (स्टैंड पोस्ट) निर्माण का कार्य PHE विभाग द्वारा ठेकेदार को सौंपा गया था। इस संबंध में कार्यादेश 27 जुलाई 2021 को जारी किया गया।
काम पूरा, भुगतान अधूरा — PHE की कार्यशैली पर सवाल
आवेदक के अनुसार तीनों ग्रामों में निर्माण कार्य लगभग पूर्ण कर लिया गया, इसके बावजूद भुगतान जानबूझकर रोका गया
रिवागहन: 99% कार्य पूर्ण, मात्र 90% भुगतान
बेंदरकट्टा: 100% कार्य पूर्ण, केवल 35% भुगतान
सालिक झिटिया: 98% कार्य पूर्ण, 80–90% भुगतान
इसके अतिरिक्त पाइपलाइन बिछाने, स्टैंड पोस्ट, वाल्व, फिल्टर, कंटेनर एवं स्विच रूम जैसे कार्य भी पूरे कर दिए गए, फिर भी पिछले 2–3 वर्षों से शेष राशि का भुगतान नहीं किया गया, जिससे ठेकेदार आर्थिक संकट में आ गया।
बिना ठोस कारण ब्लैकलिस्ट, फिर अपनों को काम
शिकायत में आरोप है कि PHE राजनांदगांव के अधिकारियों ने जानबूझकर ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट की श्रेणी में डाल दिया, ताकि शेष 5% कार्य को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाकर अपने परिचित ठेकेदारों को नया कार्यादेश दिया जा सके।
दिनांक 14 अक्टूबर 2025 को ठेकेदार को जानकारी मिली कि शेष कार्य किसी अन्य व्यक्ति से कराया जा रहा है। इसके बाद उन्होंने 15 अक्टूबर 2025 को सहायक अभियंता को आवेदन देकर 31 अक्टूबर 2025 तक कार्य पूर्ण करने की अनुमति मांगी, लेकिन विभाग ने इसे अस्वीकार कर दिया।
PHE कर्मचारी पर अवैध हस्तक्षेप और वसूली का आरोप
शिकायत में विभागीय कर्मचारी नवीन गजभिये पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि वे अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर जल जीवन मिशन के कार्यों में हस्तक्षेप करते थे, बार-बार पैसों की मांग करते थे और ठेकेदार पर अन्य लोगों से काम कराने का दबाव बनाते थे।
बताया गया है कि नवीन गजभिये केवल मेडिकल पोस्ट के कार्य के लिए पदस्थ हैं, इसके बावजूद गांवों में जल जीवन मिशन के कार्यों में दखल देकर ठेकेदार को मानसिक व आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
PHE की मनमानी से शासन को भी नुकसान
ठेकेदार का आरोप है कि इस पूरे मामले में केवल उसे ही नहीं, बल्कि शासन को भी गलत भुगतान, दोबारा टेंडर प्रक्रिया और अनावश्यक कार्यादेश के चलते भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
कलेक्टर से निष्पक्ष जांच की मांग
ठेकेदार संजय शेडे ने कलेक्टर राजनांदगांव से मांग की है कि—
पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए
दोषी PHE अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए
रोकी गई शेष भुगतान राशि तत्काल जारी की जाए
गलत तरीके से जारी किए गए कार्यादेश और टेंडर निरस्त किए जाएं
संबंधित गांवों में स्थल निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जाए
अब देखना होगा कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग पर लगे इन गंभीर आरोपों पर प्रशासन क्या कार्रवाई करता है, या फिर जल जीवन मिशन में उठते सवाल यूं ही दबा दिए जाएंगे।


