कोचियों और सुपरवाइजर की सांठगांठ से रोज पार हो रही शराब की बड़ी खेप, आबकारी विभाग की भूमिका पर उठे सवाल

अपने दोस्तों को शेयर करें :

राजनांदगांव। जिले में पुलिस द्वारा अवैध शराब पर नकेल कसने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन दूसरी ओर अर्जुनी, डोंगरगांव और रेवाडीह की शराब भट्ठियों से रोजाना थोक मे पेटियां कोचियों के पास पहुंच रही हैं। बताया जा रहा है कि यह खेल सिर्फ कोचियों का नहीं, बल्कि शराब भट्ठी के सुपरवाइजर और जिला आबकारी अधिकारी की गहरी मिलीभगत से चल रहा है।

सूत्रों के अनुसार, भट्ठी खुलते ही शराब कोचियों की भीड़ लग जाती है, और सुपरवाइजर के इशारे पर शराब की पेटियां सीधे उनके वाहनों में लोड कर दी जाती हैं। इतना ही नहीं, भट्ठी बंद होने से पहले ही शराब का स्कैन कराकर, दुकान बंद होते ही भारी मात्रा में कोचियों को शराब की आपूर्ति कर दी जाती है। इस पूरे तंत्र में सुपरवाइजर और कोचियों की बंदरबांट आबकारी विभाग की नजरों के सामने होती है, लेकिन विभाग मौन साधे हुए है।

स्थानीय सूत्रों का कहना है कि यह अवैध कारोबार जिला आबकारी अभिषेक तिवारी के संरक्षण में ही फल-फूल रहा है। एक तरफ पुलिस प्रशासन शराब विक्रेताओं और सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने वालों पर कार्रवाई कर रही है, और जिले को स्वच्छ करना चाहती है वहीं दूसरी तरफ अपने ही सिस्टम में चल रहे इस बड़े खेल पर आंख मूंदे बैठी है।

शहर और आसपास के इलाकों में यह चर्चा आम है कि सुपरवाइजर और कोचियों की इस सांठगांठ से हर रोज लाखों रुपये का कारोबार हो रहा है। भट्ठियों के आसपास सुबह और रात में कोचियों की भीड़ यह साफ बताती है कि यह अवैध तंत्र कितनी बेखौफी से काम कर रहा है।

जिले में नवपदस्थ कलेक्टर और एसपी सुश्री अंकिता शर्मा को सख्त अधिकारी माना जाता है। अब देखना यह होगा कि क्या प्रशासन इस सांठगांठ पर लगाम लगाने के लिए ठोस कदम उठाएगा, या फिर यह अवैध कारोबार यूं ही विभागीय संरक्षण में फलता-फूलता रहेगा।

अपने दोस्तों को शेयर करें :
error: Content is protected !!