वित्त सेवा, उप संचालक देवेन्द्र चौबे को सेवानिवृत्ति पर,भावभीनि बिदाई
राजनांदगांव निवास में हुआ जोरदार स्वागत
दुर्ग । संभागीय संयुक्त संचालक कोष लेखा पेंशन दुर्ग, में विगत 5 वर्षो से पदस्थ रहकर, संभाग के अन्तर्गत विभिन्न कार्यालय के, पेंशन प्रकरणों तथा क्लिष्ट वेतन निर्धारण प्रकरणों का त्वरित निराकरण करने वाले, उप संचालक देवेन्द्र कुमार चौबे को, अधिवारषिकी आयु पूरी कर सेवानिवृत्त होने पर भावभीनी बिदाई दी गई। इस अवसर पर संभागीय कार्यालय, जिला कोषालय, कोषालय कर्मचारी संघ के पदाधिकारी,बीईओ दुर्ग, एस पी आफिस दुर्ग, सीएमएचओ कार्यालय दुर्ग, के अधिकारी तथा कर्मचारीगण, श्री चौबे का परिवार व मित्रगण साक्षी बने। कार्यक्रम प्राचार्य लेखा प्रशिक्षण संस्थान, गिरीश देवांगन, वरिष्ठ व्याख्याता सब्रीना सिंह व्याख्याता कैलाश साहू, सहायक संचालक मनीष मिश्रा,सहायक लेखाधिकारी खम्हन सिंह गोआर्य के सहयोग से, संभागीय संयुक्त संचालक विवेक कुमार मिश्रा के निर्देशन में सम्पन्न हुआ। सर्वप्रथम संचालनकर्ता कैलाश साहू द्वारा, देवेन्द्र चौबे के 42 वर्ष 9 माह की सेवा में विभिन्न विभागों में, पदस्थापना की जानकारी देते हुए, उनके द्वारा, अपने अथक परिश्रम से, अर्जित उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी गई। सभी अधिकारियों ने, श्री चौबे से प्रथम परिचय से लेकर, उनके साथ बिताए पलों को याद कर उनकी शासकीय कर्तव्य परायणता की प्रशंसा की। धर्म पत्नि अर्चना चौबे, पुत्री राशि चौबे द्वारा भी शासकीय कार्य को प्रथम स्थान देने की बात को स्वीकार किया। प्राचार्य गिरीश देवांगन द्वारा लेखा प्रशिक्षण संस्थान के लिए भवन व्यवस्था तथा स्थायी भवन निर्माण के लिए भूमि आबंटन में अहम भूमिका की प्रशंसा की। कार्यक्रम को विवेक कुमार मिश्रा संयुक्त संचालक, ममता अवस्थी, हेमचंद विश्व विधालय, नीतू पाण्डेय वित्त नियंत्रक स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्व विधालय, कृष्ण काॅत खरांशु वरिष्ठ कोषालय अधिकारी दुर्ग, हिनासिंह गुप्ता, सादिक उल मलिक, मनीष मिश्रा, शशि दुबे, अशोक राठौर, संतोष कुमार सोनी, सहायक संचालक, खम्हन सिंह गोआर्य सहायक लेखाधिकारी द्वारा, संबोधित कर यादगार बनाया गया। अंत में श्री चौबे उप संचालक ने, इस दिन को अपने जीवन का विशेष दिन होना बताया। उन्होंने कहा कि, कार्यस्थल नहीं अपने परिवार से औपचारिक बिदाई ले रहा हूॅ। इस 43 वर्ष की यात्रा में आई चुनौतियों का जिक्र करते हुए, सहकर्मियों का हृदय से आभार व्यक्त किया। यह भी आश्वस्त किया कि, सभी का सहयोग, सम्मान व स्नेह, जीवन की अमूल्य पूंजी है । सभी का कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि, वित्तीय नियमों, पेंशन एवं वेतन निर्धारण निर्देशों के संदर्भ में मेरे अनुभव का लाभ, सदैव प्रदान करता रहूॅगा। कार्यक्रम सम्पन्न होने के पश्चात, उनके स्थायी निवास स्थान राजनांदगांव तक अधिकारी साथ गये, जहाॅ बाजे गाजे, फटाखों के साथ, राजनांदगांव वित्त सेवा संघ तथा नर्मदेश्वर महादेव मंदिर समिति एवं मोहल्ले वासियों द्वारा भव्य स्वागत किया गया।






