
राजनांदगांव में विधि की पढ़ाई कर न्यायिक सेवा में बनाई विशिष्ट पहचान, परिवार का भी न्यायिक एवं अधिवक्ता क्षेत्र से गहरा जुड़ाव
राजनांदगांव/छुईखदान। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की नियुक्ति को लेकर सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम द्वारा छह नामों के प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने के बाद छुईखदान निवासी रजनीश श्रीवास्तव का नाम भी चर्चा में है। उनके नाम को मंजूरी मिलने से क्षेत्र और समाज में हर्ष का माहौल है।
रजनीश श्रीवास्तव ने विधि महाविद्यालय, राजनांदगांव से कानून की पढ़ाई पूरी की और वर्ष 1996 में विधि सेवा में आए। विभिन्न न्यायिक पदों पर अपनी सेवाएं देते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ शासन के विधि विभाग में प्रमुख सचिव के पद पर भी कार्य किया। वर्तमान में वे छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में रजिस्ट्रार जनरल के पद पर कार्यरत हैं। उनका लंबा न्यायिक अनुभव और प्रशासनिक कार्यशैली उनकी पेशेवर यात्रा को विशेष बनाती है।
रजनीश श्रीवास्तव का परिवार भी न्यायिक एवं अधिवक्ता क्षेत्र से जुड़ा रहा है। उनके मामा संदीप बख्शी सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश हैं। वहीं, राजनांदगांव के प्रसिद्ध वरिष्ठ अधिवक्ता सुमंत बख्शी का नाम भी विधि क्षेत्र में उल्लेखनीय है। परिवार के सदस्यों का न्यायिक एवं अधिवक्ता क्षेत्र से जुड़ाव इस उपलब्धि को और खास बनाता है।
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की मंजूरी के बाद अब नियुक्ति की अगली प्रक्रिया पूरी होने की प्रतीक्षा है। रजनीश श्रीवास्तव की उपलब्धि को न्यायिक सेवा में समर्पण, अनुभव और निरंतर मेहनत का परिणाम माना जा रहा है। उनकी इस उपलब्धि पर समाज और क्षेत्र के लोगों में प्रसन्नता है।





