शासन के नियम विरूद्ध दिग्विजय क्लब की भवन अनुज्ञा जारी करने वाले दोषी अधिकारियों के खिलाफ अपराधिक प्रकरण दर्ज कराने की कलेक्टर से मांग – ओस्तवाल
राजनांदगांव शहर कांग्रेस कमेटी के पूर्व महामंत्री एवं पूर्व पार्षद हेमंत ओस्तवाल ने एक पत्र के माध्यम् से जिले के कलेक्टर जितेन्द्र यादव जी से यह मांग की है की जब कानून के रक्षक ही कानून के भक्षक बन जायेंगे तो ऐसी परिस्थिति में लोकतंत्र की रक्षा करने की व्यवस्था जहां संविधान में शासकीय अधिकारियों आदि निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के हाथों में कानून के नियमों का पालन कराने का दायित्व दिया गया है वही दूसरी ओर जिस तरह से राजनांदगांव नगर पालिक निगम की भवन अनुज्ञा शाखा में वर्षों से बैठे कुछ भ्रष्ट अधिकारियों ने जिस तरह कानून से खिलवाड़ कर रहे है और आम गरीब जनता आदि को कानून के नियमों की धाराओं का पाठ पढ़ाकर आवासीय/व्यवसायिक आदि अनुमति लेने में चप्पल घीस जाती है और वही दूसरी ओर नगर निगम के कार्यालय के बाजू में दिग्विजय क्लब को शासन के नियम विरूद्ध अधूरे दस्तावेज होने के बावजूद जिस तरह दिग्विजय क्लब को व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स बनाने की अनुमति निगम आयुक्त/भवन प्रभारी अधिकारी श्री यू.के. रामटेके और निगम के भवन संबंधित प्रस्तुतकर्ता अधिकारी श्री चन्द्रशेखर भूआर्य आदि के द्वारा एवं संबंधित आर्किटेक्ट दिशा साहू के माध्यम् से जो नक्शा निगम की भवन अनुज्ञा विकास शाखा के द्वारा स्वीकृत किया गया और इस पूरे मामले में जो कलेक्टर के आदेश से दिग्विजय क्लब के व्यवसायिक परिसर निर्माण पर रोक लगाने एवं भवन अनुज्ञा निलंबित कर ७ दिन में जवाब मांगने की कार्यवाही का आदेश निगम आयुक्त श्री जीआर मरकाम के द्वारा जो जारी किया गया जिसका आज समाचार पत्रों में समाचार प्रकाशित हुआ वही श्री ओस्तवाल ने कलेक्टर से यह मांग की है कि नगर निगम में विधि के जानकार अधिवक्ता भी नियुक्त है और प्रथम दृष्टया निगम के किस अधिकारी के हस्ताक्षर से भवन अनुज्ञा जारी की गई एवं निगम आयुक्त और भवन प्रभारी अधिकारी श्री यूके रामटेके और भवन विभाग में लिपिक के पद का दायित्व संभालने वाले श्री चंद्रशेखर भूआर्य के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करवाई जाये क्योंकि निगम आयुक्त के स्टेनों का पद श्री चन्द्रशेखर भूआर्य का है लेकिन कमाऊ पुत होने से वर्षों से निगम की भवन अनुज्ञा शाखा में शासन के नियम विरूद्ध अनेकों अवैध कालोनियों, अवैध प्लाटिंग और भवन निर्माण आदि से संबंधित इस खेल का मेन मास्टर चंद्रशेखर भूआर्य की संलिप्तता की जांच आवश्यक है क्योंकि भवन अनुज्ञा से संबंधित सभी दस्तावेजों की जांच और प्रस्तुतकर्ता अधिकारी श्री भूआर्य ही है इसलिये कलेक्टर महोदय से चाहूंगा कि शासनहित और जनहित में जांच प्रतिवेदन के रिर्पाेट के आधार पर तत्काल भवन अनुज्ञा शाखा से इन दोनों अधिकारियों को तत्काल पद से मुक्त करे और शासन के नियम विरूद्ध अनुज्ञा जारी करने वाले दोषी सभी अधिकारियों आदि के खिलाफ अपराधिक प्रकरण दर्ज करवाने का आदेश जारी करें। जब कही जाकर दिग्विजय क्लब की कार्यवाही से आम जनता में यह संदेश जायेगा की कलेक्टर जितेन्द्र यादव के रहते निगम के भ्रष्ट अधिकारी ऐसा खौफनाक खेल अब नही खेल पायेंगे।





