एसपी की हर्ष फायरिंग पर विवाद क्यों? विजयादशमी की परंपरा का किया निर्वहन : अरुण गुप्ता

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राजनांदगांव। विजयादशमी पर पुलिस लाइन में शस्त्र पूजन के बाद एसपी अंकिता शर्मा की हर्ष फायरिंग को लेकर उठ रहे विवाद पर अरुण कुमार गुप्ता ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि विजयादशमी पर शस्त्र पूजन की परंपरा वर्षों से चली आ रही है। ऐसे में इस आयोजन को लेकर विवाद करना उचित नहीं है।

अरुण कुमार गुप्ता ने कहा कि पुलिस और सुरक्षा बलों के लिए हथियार महज एक यंत्र नहीं, बल्कि कर्तव्य निर्वहन में महत्वपूर्ण साथी होते हैं। इन्हीं के दम पर जवान देश और नागरिकों की रक्षा करते हैं तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। विजयादशमी पर देश के विभिन्न हिस्सों में पुलिस और सेना की इकाइयां विधि-विधान से शस्त्र पूजन कर अपने हथियारों के प्रति सम्मान प्रकट करती हैं।

गुप्ता के अनुसार, राजनांदगांव पुलिस लाइन में भी हर साल की तरह इस बार विजयादशमी पर एसपी अंकिता शर्मा ने पारंपरिक भारतीय परिधान में मां काली और भवानी माता की पूजा-अर्चना की। इसके बाद शस्त्र पूजन की परंपरा का निर्वहन करते हुए हर्ष फायरिंग की। उन्होंने कहा कि देश के कई स्थानों पर विजयादशमी के अवसर पर इस तरह की परंपराएं निभाई जाती हैं। इसलिए एसपी ने कोई नई परंपरा शुरू नहीं की है।

अरुण कुमार गुप्ता ने कहा कि एसपी अंकिता शर्मा की हर्ष फायरिंग को नारी शक्ति, साहस और भक्ति के संगम के रूप में भी देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, वीडियो में फायरिंग के दौरान एसपी की सावधानी और हथियार संचालन का कौशल दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि जिले की पुलिस प्रमुख द्वारा परंपरा का निर्वहन किए जाने पर विवाद के बजाय सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।

गुप्ता ने कहा कि विजयादशमी शक्ति, शौर्य और आस्था का पर्व है। ऐसे अवसर पर शस्त्र पूजन की परंपरा के महत्व को समझना चाहिए और पुलिस बल के योगदान को भी ध्यान में रखना चाहिए।

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