
राजनांदगांव।
शहर की प्राचीन संस्था गौशाला पिंजरा पोल के अध्यक्ष एवं प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेता खूबचंद पारख ने गौरीनगर क्षेत्र में गौवंश हत्या की घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति और परंपरा में हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं है। गौवंश हमारी आस्था, श्रद्धा और धार्मिक परंपराओं का अभिन्न अंग है। ऐसे पूजनीय गौवंश की हत्या किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि संस्कारधानी राजनांदगांव में इस तरह की घटना का सामने आना बेहद शर्मनाक है। इस मामले में शामिल दोषियों को कठोरतम सजा दिलाना आवश्यक है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
शहर की सबसे पुरानी संस्था गौशाला पिंजरा पोल के अध्यक्ष एवं प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेता खूबचंद पारख ने शहर के गौरीनगर क्षेत्र में सामने आई गौवंश हत्या की घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति सदैव अहिंसा, करुणा, दया और जीवों के प्रति संवेदना का संदेश देती रही है। ऐसे में गौवंश के साथ इस प्रकार की क्रूरता किसी भी दृष्टि से स्वीकार्य नहीं है। श्री पारख ने कहा कि भारतीय समाज में गाय को माता का दर्जा दिया गया है। गौवंश हमारी धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा है। गाय केवल आस्था का प्रतीक ही नहीं, बल्कि भारतीय ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सामाजिक जीवन में भी उसका विशेष महत्व रहा है। ऐसे पूजनीय गौवंश की हत्या की घटना समाज की भावनाओं को आहत करने वाली है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि गौ हत्या किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जा सकती और इस तरह की घटनाओं के प्रति समाज को सजग रहना होगा।
उन्होंने कहा कि संस्कारधानी राजनांदगांव अपनी सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक परंपराओं और सामाजिक सद्भाव के लिए जानी जाती है। ऐसी पवित्र पहचान वाले शहर में गौवंश हत्या जैसी घटना का सामने आना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक है। इस घटना से लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। इस तरह की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। श्री पारख ने कहा कि इस मामले में पुलिस द्वारा आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। यदि इस घटना में अन्य लोग भी शामिल हैं, तो वे भी कानून की गिरफ्त से बच नहीं पाएंगे। आज नहीं तो कल, जांच के दौरान सामने आने वाले प्रत्येक दोषी के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अपराध में शामिल किसी भी व्यक्ति को संरक्षण नहीं मिलना चाहिए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सभी दोषियों की पहचान की जानी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि उनका प्रयास रहेगा कि इस प्रकरण में दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले। गौवंश के प्रति आस्था रखने वाले समाज की भावनाओं का सम्मान करते हुए न्याय सुनिश्चित करना आवश्यक है। ऐसी कार्रवाई होनी चाहिए, जो समाज में कानून के प्रति विश्वास मजबूत करे और भविष्य में इस तरह के अपराध करने वालों के लिए कड़ा संदेश बने। श्री पारख ने कहा कि गौवंश की रक्षा केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक परंपराओं और मानवीय मूल्यों से भी जुड़ा हुआ है। समाज के सभी वर्गों को गौवंश के प्रति संवेदनशीलता बनाए रखते हुए ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए जागरूक रहना चाहिए। वहीं, किसी भी घटना के मामले में कानून को अपना काम निष्पक्षता से करने देना चाहिए, ताकि वास्तविक दोषियों को सजा मिल सके। उन्होंने उम्मीद जताई कि पुलिस प्रशासन इस मामले में गंभीरता से कार्रवाई करते हुए जांच को उसके अंतिम निष्कर्ष तक पहुंचाएगा और घटना में शामिल सभी दोषियों को न्यायालय के माध्यम से उचित दंड दिलाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाएगा। खूबचंद पारख ने दोहराया कि गौवंश की हत्या जैसी घटनाएं समाज में स्वीकार्य नहीं हैं। दोषियों को कड़ी सजा मिलना ही पीड़ित समाज की भावनाओं के प्रति सम्मान और कानून के प्रति विश्वास को मजबूत करने का माध्यम होगा।





