डोंगरगढ़। जवाहर नवोदय विद्यालय डोंगरगढ़ में विज्ञान ज्योति कार्यक्रम के अंतर्गत साइंस कैंप का आयोजन किया गया। इसमें विद्यार्थियों को आधुनिक विज्ञान और तकनीक से जुड़ी जानकारियां देने के साथ व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से वैज्ञानिक अवधारणाओं को समझाया गया। कैंप का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार, रचनात्मकता और तकनीकी कौशल विकसित करना था।
तीन और चार अक्टूबर को आयोजित शिविर में बिलासपुर के फर्स्ट इनोवेशन से पहुंचे प्रशिक्षक अनिल अनंत ने विद्यार्थियों को ऑगमेंटेड रियलिटी (एआर) और वर्चुअल रियलिटी (वीआर) तकनीक की कार्यप्रणाली एवं उपयोगिता के बारे में बताया। उन्होंने इन तकनीकों के विभिन्न क्षेत्रों में उपयोग की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया।
साइंस कैंप के दौरान विद्यार्थियों को ड्रोन तकनीक से भी परिचित कराया गया। प्रशिक्षक ने ड्रोन के प्रमुख भागों, उनकी कार्यप्रणाली और उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी। विद्यार्थियों ने गतिविधियों और प्रदर्शन के माध्यम से ड्रोन तकनीक के विभिन्न पहलुओं को समझा। इसके अलावा STEM किट की सहायता से विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित से जुड़ी अवधारणाओं को व्यावहारिक रूप से समझने का अवसर मिला।
कैंप में विद्यार्थियों ने विभिन्न वैज्ञानिक गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया और मॉडल तैयार किए। मॉडल निर्माण में खेल शिक्षक अनिल कुमार पाल, तेलुगु शिक्षक भास्कर राव और अटल टिंकरिंग लैब के फैसिलिटेटर साईं राम पात्रो ने विद्यार्थियों का सहयोग किया।
कार्यक्रम का संचालन एवं समन्वय प्रभारी शिक्षिका दिव्या जैन ने किया। उप प्राचार्य संजय कुमार मंडल के मार्गदर्शन में आयोजित शिविर में विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक के व्यावहारिक उपयोग की जानकारी मिली। आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक जिज्ञासा, समस्या समाधान की क्षमता और नवाचार की भावना को प्रोत्साहित किया गया।





