बलेनो कार से अवैध शराब का परिवहन करते दो कोचिए गिरफ्तार

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डोंगरगांव। पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा द्वारा अवैध शराब की तस्करी और अवैध क्रय-विक्रय के विरुद्ध चलाए जा रहे ‘जीरो टॉलरेंस’ अभियान के तहत डोंगरगांव पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने तिगाला पेट्रोल पंप (कुमर्दा) के पास घेराबंदी कर बलेनो कार से अवैध शराब का परिवहन कर रहे दो कोचियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार 12 जुलाई को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि डोंगरगांव निवासी दो युवक कार से अवैध रूप से शराब का परिवहन कर रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती मंजूलता बाज के मार्गदर्शन में डोंगरगांव थाना प्रभारी निरीक्षक आशीर्वाद राहटगांवकर ने तत्काल एक विशेष टीम गठित कर तस्दीक के लिए रवाना किया।

पेट्रोल पंप के पास घेराबंदी कर पकड़ा
मुखबिर की सटीक सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने कुमर्दा स्थित तिगाला पेट्रोल पंप के पास मोर्चा संभाला। इस दौरान संदिग्ध बलेनो कार (क्रमांक सीजी 08 ए डब्ल्यू 5072) के वहां पहुंचते ही पुलिस ने घेराबंदी कर उसे रोक लिया। कार की तलाशी लेने पर उसमें से छत्तीसगढ़ निर्मित 100 पौवा देशी सुपर 36 प्लेन शराब (लगभग दो पेटी) बरामद हुई। वाहन में सवार युवकों से शराब परिवहन के संबंध में वैध दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वे कोई भी कागजात पेश नहीं कर सके।

जप्त सामान और गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ₹8,000 मूल्य की अवैध शराब और परिवहन में प्रयुक्त बलेनो कार (कीमत करीब 3 लाख रुपए) समेत कुल ₹3,08,000 का मसरूका जप्त किया है। पुलिस ने जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनके नाम इस प्रकार हैं:

लीला शंकर यादव (32 वर्ष), पिता चंद्रशेखर यादव, निवासी वार्ड नंबर 06, डोंगरगांव।

अंकेश पटेल (25 वर्ष), पिता स्व. दुर्योधन पटेल, निवासी वार्ड नंबर 12, मटिया डोंगरगांव।

आरोपियों का यह कृत्य छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत दंडनीय होने के कारण पुलिस ने गवाहों के समक्ष शराब और वाहन को विधिवत जप्त कर अपराध क्रमांक 252/2026 पंजीबद्ध किया है। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी आशीर्वाद राहटगांवकर, सहायक उप निरीक्षक अनिल यादव, पीएसआई सागर सिंह राजपूत, आरक्षक चंद्रकांत सोनी और मोहन साहू की भूमिका सराहनीय रही।

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