8वीं वाहिनी में एसबीआई ने वित्त प्रबंधन और डिजिटल सुरक्षा पर कार्यशाला आयोजित की

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राजनांदगांव। 8वीं वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल में रिफ्रेशर कोर्स में शामिल जवानों के लिए वित्त प्रबंधन एवं साइबर सुरक्षा विषय पर विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) राजनांदगांव के अधिकारियों ने जवानों को बचत, निवेश और ऑनलाइन ठगी से बचाव के उपायों की जानकारी दी।

कार्यशाला में एसबीआई के अधिकारियों ने सैलरी पैकेज, बचत खाता, सावधि जमा, पीपीएफ, सुकन्या समृद्धि योजना और एनपीएस जैसी योजनाओं की जानकारी दी। साथ ही एसआईपी के माध्यम से कम आय में भी नियमित बचत कर भविष्य को सुरक्षित बनाने के तरीके समझाए। एसबीआई योनो ऐप के जरिए निवेश और ऑटो-स्वीप जैसी सुविधाओं पर भी चर्चा की गई।

साइबर सुरक्षा सत्र में जवानों को ओटीपी, यूपीआई पिन, फर्जी लिंक, फिशिंग ईमेल और फेक कॉल के जरिए होने वाली ठगी से सावधान रहने की सलाह दी गई। अधिकारियों ने कहा कि एसबीआई कभी भी फोन या मैसेज के माध्यम से ओटीपी या पिन नहीं मांगता। किसी भी संदिग्ध लेनदेन की जानकारी तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर देने की अपील की गई।

एसबीआई के शाखा प्रबंधक रजनीश सोनी और सहायक प्रबंधक प्रियंका ने कहा कि देश की सुरक्षा में लगे जवानों की वित्तीय सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने वित्तीय जागरूकता को साइबर अपराधों के खिलाफ सबसे प्रभावी हथियार बताया।

कार्यक्रम सेनानी श्रीमती नेहा पाण्डेय की उपस्थिति में आयोजित हुआ। इस दौरान पुलिस सैलरी पैकेज के तहत दो दिवंगत जवानों के आश्रितों को बीमा राशि के चेक भी वितरित किए गए। कार्यक्रम में उप सेनानी श्रीमती सारिका वैद्य, सहायक सेनानी एच.के. टोंडर, बी.एल. भोई सहित बड़ी संख्या में अधिकारी और जवान मौजूद रहे।8वीं वाहिनी में एसबीआई ने वित्त प्रबंधन और डिजिटल सुरक्षा पर कार्यशाला आयोजित की
राजनांदगांव। 8वीं वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल में रिफ्रेशर कोर्स में शामिल जवानों के लिए वित्त प्रबंधन एवं साइबर सुरक्षा विषय पर विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) राजनांदगांव के अधिकारियों ने जवानों को बचत, निवेश और ऑनलाइन ठगी से बचाव के उपायों की जानकारी दी।

कार्यशाला में एसबीआई के अधिकारियों ने सैलरी पैकेज, बचत खाता, सावधि जमा, पीपीएफ, सुकन्या समृद्धि योजना और एनपीएस जैसी योजनाओं की जानकारी दी। साथ ही एसआईपी के माध्यम से कम आय में भी नियमित बचत कर भविष्य को सुरक्षित बनाने के तरीके समझाए। एसबीआई योनो ऐप के जरिए निवेश और ऑटो-स्वीप जैसी सुविधाओं पर भी चर्चा की गई।

साइबर सुरक्षा सत्र में जवानों को ओटीपी, यूपीआई पिन, फर्जी लिंक, फिशिंग ईमेल और फेक कॉल के जरिए होने वाली ठगी से सावधान रहने की सलाह दी गई। अधिकारियों ने कहा कि एसबीआई कभी भी फोन या मैसेज के माध्यम से ओटीपी या पिन नहीं मांगता। किसी भी संदिग्ध लेनदेन की जानकारी तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर देने की अपील की गई।

एसबीआई के शाखा प्रबंधक रजनीश सोनी और सहायक प्रबंधक प्रियंका ने कहा कि देश की सुरक्षा में लगे जवानों की वित्तीय सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने वित्तीय जागरूकता को साइबर अपराधों के खिलाफ सबसे प्रभावी हथियार बताया।

कार्यक्रम सेनानी श्रीमती नेहा पाण्डेय की उपस्थिति में आयोजित हुआ। इस दौरान पुलिस सैलरी पैकेज के तहत दो दिवंगत जवानों के आश्रितों को बीमा राशि के चेक भी वितरित किए गए। कार्यक्रम में उप सेनानी श्रीमती सारिका वैद्य, सहायक सेनानी एच.के. टोंडर, बी.एल. भोई सहित बड़ी संख्या में अधिकारी और जवान मौजूद रहे।

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