राजनांदगांव। डोंगरगांव विकासखंड के अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला मोहड़ में वित्तीय गड़बड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) प्रवास कुमार सिंह बघेल ने विभागीय अंकेक्षण (ऑडिट) रिपोर्ट के आधार पर वित्तीय अनियमितता पाए जाने पर स्कूल के तत्कालीन प्रभारी प्राचार्य (मूल पद व्याख्याता) दौलत राम आंचले को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही उनके खिलाफ थाने में एफआईआर (प्राथमिकी) दर्ज कराने के आदेश जारी किए गए हैं।
बिना जानकारी विभिन्न मदों से निकाल लिए 5.44 लाख रुपये
मिली जानकारी के अनुसार, प्रभारी प्राचार्य श्री आंचले के विरुद्ध शिकायत प्राप्त हुई थी कि उन्होंने संबंधित मद प्रभारियों को भनक लगे बिना विभिन्न शासकीय मदों से कुल 5 लाख 44 हजार 500 रुपये का आहरण (निकासी) कर लिया है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए दो सदस्यीय जांच दल का गठन किया था।
जांच दल के प्रतिवेदन और अभिमत में स्पष्ट हुआ कि प्रभारी प्राचार्य द्वारा न केवल मद प्रभारियों की जानकारी छिपाई गई, बल्कि क्रय समिति की बैठक, प्रस्ताव और अनिवार्य अनुमोदन के बिना ही नियम विरुद्ध तरीके से शासकीय राशि निकाली गई। जांच अधिकारियों ने इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता माना और आरोपी प्राचार्य के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए प्रस्ताव जिला कार्यालय को भेजा था।
थाने में दर्ज होगी एफआईआर, विभागीय जांच भी शुरू
ऑडिट रिपोर्ट और जांच दल के प्रतिवेदन में प्रथम दृष्टया वित्तीय हेरफेर साबित होने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने डोंगरगांव के विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) को कड़े निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत आरोपी दौलत राम आंचले के खिलाफ संबंधित पुलिस थाने में तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने और इसकी प्रगति से जिला कार्यालय को अवगत कराने कहा गया है।
नवा रायपुर भेजी गई रिपोर्ट
श्री आंचले को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उनके विरुद्ध विस्तृत विभागीय जांच संस्थित करने के लिए संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय (इन्द्रावती भवन, अटल नगर, नवा रायपुर) को पत्र एवं प्रस्ताव प्रेषित कर दिया गया है। इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।

