संघर्ष और मेहनत से बनीं मिसेज इंडिया, सोनम श्रीवास्तव बनीं महिलाओं के लिए प्रेरणा

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5000 से अधिक बच्चियों को दे चुकी हैं शिक्षा, समाज सेवा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में कर रहीं उल्लेखनीय कार्य
रायपुर।
समाज सेवा, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में कार्य कर रहीं सोनम श्रीवास्तव आज कई महिलाओं और बेटियों के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। UHFC फाउंडेशन (United Hands For Change) की फाउंडर सोनम श्रीवास्तव ने अपने जीवन का लक्ष्य समाज में शिक्षा का प्रसार और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना बनाया है।
सोनम श्रीवास्तव पाठशाला की डायरेक्टर हैं और पूर्व में ड्रीम इंडिया स्कूल की प्रिंसिपल भी रह चुकी हैं। इसके साथ ही उन्होंने विभिन्न राष्ट्रीय स्तर की सौंदर्य प्रतियोगिताओं में भाग लेकर मिसेज एशिया, मिसेज इंडिया और मिसेज छत्तीसगढ़ जैसे खिताब अपने नाम किए हैं।
उन्होंने बताया कि उनकी समाज सेवा की शुरुआत बचपन से ही हो गई थी। जब वह स्वयं कक्षा 8वीं में पढ़ती थीं, तभी उन्होंने अपने पड़ोस की बच्चियों को पढ़ाना शुरू किया। यह सिलसिला आज भी जारी है और अब तक वह 5000 से अधिक बच्चियों को शिक्षा प्रदान कर चुकी हैं।
सोनम श्रीवास्तव गरीब बच्चों के लिए फ्री इंग्लिश क्लास संचालित करती हैं तथा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए मार्गदर्शन देती हैं। इसके साथ ही वे महिलाओं और युवतियों के लिए पर्सनैलिटी डेवलपमेंट की कक्षाएं भी लेती हैं, जिससे कई महिलाएं आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही हैं।
उन्होंने अपने जीवन में कई चुनौतियों का सामना किया, लेकिन कभी हार नहीं मानी। एक समय ऐसा भी आया जब उनके शरीर में 38 प्रतिशत तक पानी की समस्या हो गई थी, लेकिन मात्र दो महीने बाद ही उन्होंने हिम्मत और आत्मविश्वास के बल पर मिसेज ब्यूटी आइकॉन ऑफ इंडिया का खिताब जीत लिया और उन्हें ब्रेन एंड ब्यूटी अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया।
इसके बाद उन्होंने दिल्ली में आयोजित प्रतियोगिता में मिसेज इंडिया का खिताब जीतकर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया। उनके सामाजिक कार्यों और उपलब्धियों के लिए उन्हें मुख्यमंत्री द्वारा भी सम्मानित किया जा चुका है।
प्रमुख उपलब्धियां :
नेपाल के राष्ट्रपति से गैलेक्सी अवॉर्ड
दादासाहब फाल्के अवॉर्ड
कॉन्स्टिट्यूशन क्लब, दिल्ली से वुमन ऑफ द ईयर अवॉर्ड
नारी रत्न अवॉर्ड
इंडिया की टॉप 30 विजनरी में स्थान
एशिया की टॉप 100 महिलाओं में शामिल
इसके अलावा भी उन्हें कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।
महिलाओं के लिए संदेश :
सोनम श्रीवास्तव ने कहा कि महिलाएं अपनी कमियों से कभी न डरें और स्वयं को लगातार बेहतर बनाने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सेल्फ ग्रूमिंग, एक्सरसाइज और शिक्षा पर विशेष ध्यान देना चाहिए। जो चीज नहीं आती उसे सीखें और जीवन में आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि महिलाएं कभी भी स्वयं को कमजोर न समझें, एक दिन उनकी मेहनत और प्रतिभा ही उनकी पहचान बनती है।

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