राजनांदगांव। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, सुश्री सुरूचि सिंह ने सोमवार को जनपद पंचायत राजनांदगांव के ग्राम टेड़ेसरा में स्थित प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट (पीडब्ल्यूएम) यूनिट का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने यूनिट के संचालन, उपलब्ध संसाधनों और प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया। सीईओ ने यूनिट के प्रभावी एवं सतत संचालन के लिए जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
सुश्री सिंह ने कहा कि जिले के सभी ग्राम पंचायतों के एसएलआरएम शेड से तत्काल प्लास्टिक अपशिष्ट का संग्रहण शुरू किया जाना चाहिए। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्लास्टिक कचरे के समयबद्ध संग्रहण, पृथक्करण और वैज्ञानिक निस्तारण को अनिवार्य बताया। उन्होंने कहा, “स्वच्छता की दिशा में कोई भी लापरवाही नहीं सहन की जाएगी।”
इस अवसर पर, सीईओ ने जनपद पंचायत डोंगरगांव के ओडीएफ प्लस मॉडल ग्राम कुटुलबोड़-भाठागांव का भी दौरा किया। यहां शत-प्रतिशत यूजर चार्ज संग्रहण के लिए ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव, स्वच्छाग्रहियों और ग्रामवासियों की सराहना की और उन्हें बधाई दी।
सीईओ जिला पंचायत ने स्वच्छता के कार्यों में अधिक प्रभावी कार्य करने, नियमित मॉनिटरिंग करने और प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट को पूरी क्षमता से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन में किसी भी स्तर पर लापरवाही को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान जनप्रतिनिधि, जिला समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन- ग्रामीण, सीईओ जनपद पंचायत राजनांदगांव और डोंगरगांव, ब्लॉक समन्वयक और अन्य अधिकारी एवं ग्रामीण उपस्थित थे।

