शासन की दूरदर्शी नीति से वनांचल में शिक्षा को मिली नई रोशनी

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मोहला। जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी के वनांचल क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता को सशक्त बनाने के लिए शासन की दूरदर्शी नीतियों और प्रभावी क्रियान्वयन के कारण एक नई सुबह आई है। इन दुर्गम और दूरस्थ अंचलों में वर्षों से मूलभूत सुविधाओं की कमी रही है, लेकिन अब शासन की पहल ने इस समस्या का समाधान किया है।

सौर ऊर्जा से सजी शिक्षा की नई राह
राज्य शासन द्वारा शिक्षा विभाग को सीधे अनुदान राशि उपलब्ध कराए जाने के बाद, जिले के उन चार शासकीय स्कूलों को चिन्हित किया गया, जहां आज तक बिजली की सुविधा नहीं पहुंच पाई थी। इनमें शामिल हैं शासकीय माध्यमिक शाला गट्टेपायली, शासकीय प्राथमिक शाला संबलपुर कोराचा, शासकीय प्राथमिक शाला बोदरा, और शासकीय प्राथमिक शाला गट्टेगहन। इन विद्यालयों में शिक्षा विभाग और क्रेडा (छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण) के सहयोग से 1.2 किलोवॉट क्षमता के ऑफ-ग्रिड सोलर पावर प्लांट स्थापित किए गए।

अंधेरे में डूबे विद्यालय अब रोशन
सौर ऊर्जा के संयंत्रों के सक्रिय होने के बाद, वर्षों से अंधेरे में डूबे इन स्कूलों में अब रोशनी आ गई है। आज इन स्कूलों में नियमित रूप से कक्षाएं सुचारू रूप से चल रही हैं, और बच्चों को बेहतर शिक्षा प्राप्त हो रही है। पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, पंखे, और अन्य विद्युत संसाधनों के कारण बच्चों के लिए अब एक सुरक्षित और प्रेरक शैक्षिक वातावरण बन गया है।

बच्चों के चेहरों पर मुस्कान और उजाला
इस पहल के सबसे भावुक क्षण वे थे, जब बच्चों ने पहली बार अपने स्कूल में उजाला देखा। उनकी आंखों में चमक और चेहरों पर मुस्कान यह साबित करती है कि यह योजना सिर्फ एक सरकारी पहल नहीं, बल्कि इन बच्चों के सपनों को पंख देने का एक अद्भुत मौका है। अब ये बच्चे आत्मविश्वास के साथ पढ़ाई कर रहे हैं और अपने उज्ज्वल भविष्य की ओर कदम बढ़ा रहे हैं।

शिक्षकों के लिए भी बदलाव
सिर्फ बच्चों को ही नहीं, इस योजना से शिक्षकों के लिए भी कार्य करने का माहौल बेहतर हुआ है। अब अध्यापन कार्य अधिक प्रभावी ढंग से किया जा रहा है, क्योंकि अब विद्यालयों में बिजली की सुविधा, पर्याप्त प्रकाश और पंखे उपलब्ध हैं।

शासन की पहल से शिक्षा को मिली नई दिशा
राज्य शासन की यह पहल न केवल बच्चों के लिए शिक्षा के बेहतर अवसरों का द्वार खोल रही है, बल्कि इसने वनांचल क्षेत्रों में शिक्षा को एक नई दिशा भी दी है। अब इन बच्चों के पास बेहतर शिक्षा के साथ-साथ उज्जवल भविष्य की उम्मीद भी है।

इस तरह शासन की संवेदनशीलता और दूरदर्शी योजनाओं के कारण वनांचल के इन स्कूलों में शिक्षा की नई रोशनी का सफर शुरू हुआ है, और यह बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है।

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