भाजपा जिला अध्यक्ष पद पर असमंजस, कोमल सिंह राजपूत और सौरभ कोठारी के बीच टकराव

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राजनांदगांव। जहाँ एक ओर प्रदेश के ज्यादातर जिलों में भाजपा के जिला अध्यक्षों के घोषणा बीते दिनों कर दी गई है वहीँ डाक्टर रमन सिंह के क्षेत्र राजनांदगांव में जिला अध्यक्ष को लेकर अब पेंच फंस गया है।
भाजपा के प्रदेश चुनाव प्रभारी व सह संयोजक राजनांदगांव जिले से ही हैं। इसके बावजूद नामों को लेकर एक राय नहीं बन पा रही है। नतीजा यह हो रहा कि इससे अब तक संगठन भी कोई ठोस निर्णय नहीं ले पा रहा है। संगठन चुनाव के तहत राजनांदगांव जिला अध्यक्ष पर फैसला नहीं हो पा रहा है।
दरअसल राजनांदगांव में जिलाध्यक्ष को लेकर अब दो फाड़ हो गया है जहाँ एक ओर कोमल सिंह के नाम को लेकर सचिन सिंह बघेल अड़े हुए हैं वहीँ जिले के ज्यादातर नेता सौरभ कोठारी के नाम पर अपनी सहमति दे चुके हैं । जिससे अब स्तिथि यह हो चुकी है कि यह चुनाव संगठन बनाम सचिन बघेल हो चुका है।
भाजपा जिला अध्यक्ष को लेकर दो नाम को लेकर पेंच फंसा हुआ है। सूत्रों की मानें तो कोमल सिंह राजपूत और सौरभ कोठारी के नाम दावेदारों में सबसे आगे चल रहे हैं। विधानसभा अध्यक्ष व पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह और पूर्व सांसद अभिषेक सिंह दोनों ही कोमल सिंह राजपूत और सौरभ कोठारी दोनों के ही पक्ष में नजर आते हैं क्योंकि दोनों ही नाम उनके करीबियों में गिने जाते हैं । कोमल सिंह राजपूत की बात करें तो वीणा देवी सिंह के भी वो काफी करीबी माने जाते हैं और संगठन का बहुत लंबा अनुभव भी उन्हें है। संगठन से मिली जानकारी के अनुसार डाक्टर रमन सिंह के परिवार से जुड़े वरिष्ठ भाजपा नेता व् मौजूदा जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष सचिन बघेल और जिला भाजपा अध्यक्ष रमेश पटेल का समर्थन खुले रूप से कोमल सिंह को प्राप्त है। कोमल सिंह राजपूत एक अनुभवी नेता है कैम्प कार्यालय से लेकर मंडी बोर्ड में उनका कार्य सराहनीय रहा है, जिनका लाभ उन्हें मिल रहा है। वे दौड़ में आगे चल रहे हैं।
यदि बात करें संगठन के ज्यादातर नेताओं की तो प्रदेश संगठन चुनाव प्रभारी खूबचंद पारख, मधुसूदन यादव, वरिष्ठ नेता संतोष अग्रवाल, सुरेश डुलानी, सुरेश एच लाल, विनोद खांडेकर, प्रदेश महामंत्री रामजी भारती, दिनेश गांधी, प्रदीप गांधी, जिले के सांसद संतोष पांडे, महामंत्री भरत वर्मा जैसे प्रमुख नेताओं का झुकाव भी सौरभ कोठारी के प्रति दिखता नजर आ रहा है।
साल 2013 के विधानसभा चुनावों में अपने प्रभार क्षेत्र लोहारा में सौरभ कोठारी ने जो जीत दर्ज कराई थी उसका खामियाजा सौरभ को सरकार बदलने के बाद पूरे पांच साल भुगतना पड़ा था और उनके तमाम व्यवसाय में मोहम्मद अकबर की कुदृष्टि भी पड़ गई थी और बहुत से अलग अलग फर्जी प्रकरण भी उन पर दर्ज किये गए थे । इस लिहाज से भी संगठन सौरभ को जिला अध्यक्ष के पद से नवाज सकती है।
डॉ रमन सिंह के करीबी सौरभ कोठारी को विगत 5 साल में कांग्रेस सरकार में डॉ रमन सिंह और अभिषेक सिंह के क़रीबी होने का व्यापारिक एवं राजनीतिक नुकसान भी उठाना पड़ा है, स्तिथि यह थी की कोर्ट से जमानत के बाद उनको भूपेश बघेल के सरकार में राहत मिल पाई थी।
वैसे तो तय हो चुका है कि इन दोनों कोमल सिंह राजपूत और सौरभ कोठारी के बीच जो कि डॉक्टर रमन सिंह के क़रीबी माने जाते हैं इनके बीच फैसला होना है।

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